Posts Tagged ‘ કલાપી ’

કાગળ પરના દીવા

May 30, 2009

આજનો સુવિચાર જીવીશ, બની શકે તો, એકલાં પુસ્તકોથી -સુરસિંહજી તખ્તસિંહજી ગોહિલ ‘કલાપી’ મિત્રો સાથે શૅર કરો : Recommend on Facebook Tweet about it Tell a friend

Read more »

આ બ્લોગ ગમ્યો? ફેસબુક મિત્રો સાથે શૅર કરો!

શે’ર બજાર

दिलों में तुम अपनी बेताबियाँ लेके चल रहे हो
तो ज़िन्दा हो तुम
नज़र में ख्वाबों की बिजलियाँ लेके चल रहे हो
तो ज़िन्दा हो तुम
हवा के झोंको के जैसे आझाद रहना सीखो
तुम एक दरिया के जैसे लेहेरों में बेहना सीखो
हर एक लम्हे से तुम मिलो खोले अपनी बाहें
हर एक पल एक नया समा देखे ये निगाहें
जो अपनी आँखों में हैरानियाँ लेके चल रहे हो तुम
तो ज़िन्दा हो तुम
-जावेद अख्तर
(झिंदगी मिलेगी ना दोबारा)

સૌરભ શાહ સાથે ફેસબુક પર જોડાઓ!

Powered By Indic IME